प्रदेश में मास्टर प्लान के तहत बनेंगी 23 सड़कें, 8 का पहले होगा निर्माण

इंदौर

 मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में निगमायुक्त शिवम वर्मा ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में मास्टर प्लान के पहले चरण में बनने वाली 8 सड़कों के निर्माण कार्य की समीक्षा की। इस दौरान अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी मौजूद रहे। वर्मा ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत 23 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है।

 बिचौली हप्सी से भूरी टेकरी होते हुए नायता मुंडला तक का कार्य जारी है। प्रथम चरण में 8 सड़कों के लिए सेंट्रल लाइन डालने, नोटिस जारी करने संबंधी कार्य इस सप्ताह से शुरू कर दिए जाएंगे।

इसके अलावा देवगुराडिया स्थित 500 टीडीपी बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने, इस प्लांट के अत्याधुनिकरण करने, मुख्य मार्गों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने को लेकर चर्चा हुई।

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450 करोड़ रुपये खर्च होंगे

महापौर ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह पैसा केंद्र सरकार ने पहले ही इंदौर नगर निगम के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। हमने केंद्र सरकार से 14 अन्य सड़कों के लिए भी 400 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है। हम इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेंगे।

इन 8 सड़कों का होगा काम
-सुभाष मार्ग (गोल मंदिर से रामबाग पुल तक): लंबाई 1300 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर।
-लिंक रोड (एमआर-10 से एमआर-12 तक): लंबाई 1800 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर।

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-एमआर-5 (बड़ा बांगड़दा से पीएमएवाय मल्टी तक): लंबाई 1700 मीटर, चौड़ाई 24 मीटर।

-भमोरी चौराहे से एमआर-10 व राजशाही गार्डन से होटल वॉच तक: लंबाई 1100 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर।
-वीर सावरकर प्रतिमा से अटल गेट तक: लंबाई 1310 मीटर, चौड़ाई 18 मीटर।

एडवांस एकेडमी से रिंग रोड तक: लंबाई 3650 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर।

जमजम चौराहे से स्टार चौराहा तक: लंबाई 1920 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर।
खजराना मंदिर द्वार से जमजम चौराहा तक: लंबाई 1120 मीटर, चौड़ाई 18 मीटर।

बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ेगी, अतिरिक्त जमीन भी देंगे

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बैठक में एशिया के सबसे बड़े 500 टीडीपी क्षमता वाले बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने और इस प्लांट को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त जमीन देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
24 मीटर या इससे चौड़ी सड़क पर बेच सकेंगे टीडीआर

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि बैठक में टीडीआर सर्टिफिकेट पोर्टल के माध्यम से जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मास्टर प्लान की 23 सड़कों सहित अन्य सड़कें जहां नगर निगम ने चौड़ीकरण के लिए निजी जमीन ली है, वहां जमीन मालिकों को ट्रांसफरेबल डेवलमेंट राइट्स (टीडीआर) सर्टिफिटेक जारी किए जाएंगे।

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